भीलवाड़ा की कपड़ा फैक्ट्री के मजदूर बोनस की मांग करते हुए उग्र हो गए। उन्होंने फैक्ट्री में तोड़फोड़ की। पुलिस पहुंची तो उनका गुस्सा और बढ़ गया। मजदूरों ने पुलिस वाहन पर भी हमला कर दिया। पुलिस ने मजदूरों पर लाठीचार्ज कर उन्हें खदेड़ दिया। इसके बाद करीब 3 घंटे से ज्यादा की समझाइश के बाद मजदूर काम पर लौट आए। मामला हमीरगढ़ (भीलवाड़ा) के चित्तौड़ रोड स्थित संगम इंडिया लिमिटेड का है। संगम इंडिया लिमिटेड के कॉरपोरेट एचआर मनीष स्वामी ने बताया- आज संगम बिलिया प्लांट में मजदूरों की गलतफहमी के कारण यह घटना हुई। पुलिस प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई की। इसके बाद शांति व्यवस्था बहाल हो गई है। प्लांट में उत्पादन सुचारू रूप से शुरू हो गया है। बता दें कि संगम लिमिटेड में आज सुबह तोड़फोड़ और प्रदर्शन के बाद मजदूर धरने पर बैठ गए थे। वे बोनस और हाजिरी की मांग कर रहे थे। मामला उग्र होने पर फैक्ट्री प्रबंधन ने उन्हें नियमानुसार बोनस और हाजिरी देने का आश्वासन दिया। इसके बाद उनका गुस्सा शांत हुआ। मजदूरों ने धरना खत्म कर दिया और अपने काम पर लौट आए। बहरहाल, पुलिस ने सरकारी काम में बाधा का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस ने 7 को हिरासत में लिया
हमीरगढ़ थाना प्रभारी संजय गुर्जर ने बताया- संगम इंडिया लिमिटेड में तोड़फोड़ की सूचना मिली थी। जब हम वहां पहुंचे तो हमारे वाहन पर पथराव किया गया और तोड़फोड़ की गई। सरकारी काम में बाधा का मामला दर्ज कर 7 लोगों को हिरासत में लिया गया है।
सुबह 10 बजे काम बंद कर धरने पर बैठे
संगम इंडिया लिमिटेड में कपड़ा बनता है। यहां 150 से 200 कर्मचारी काम करते हैं। कर्मचारी दिवाली से बोनस की मांग कर रहे थे। आरोप है कि फैक्ट्री प्रबंधन मांगों पर ध्यान नहीं दे रहा है। इसको लेकर कर्मचारियों ने गुरुवार सुबह 10 बजे काम बंद कर दिया और धरने पर बैठ गए।
फैक्ट्री प्रबंधन ने की वार्ता, नहीं बनी सहमति
इसके बाद फैक्ट्री प्रबंधन से वार्ता भी हुई। मांगों पर सहमति नहीं बनने पर कर्मचारी उग्र हो गए। कर्मचारियों ने फैक्ट्री में तोड़फोड़ शुरू कर दी। सूचना मिलने पर हमीरगढ़ थाने की पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। पुलिस को देखकर भीड़ और उग्र हो गई। उन्होंने पुलिस पर पथराव भी शुरू कर दिया।
मजदूर संघ के नेता ने कहा- मजदूरों को नहीं मिल रहा पैसा
भारतीय मजदूर संघ के जिला सह मंत्री देवेंद्र वैष्णव ने कहा- बोनस और उपस्थिति भत्ते को लेकर मजदूरों में गुस्सा है। उन्हें पूरा पैसा नहीं दिया जा रहा है। कई बार चर्चा के बाद भी सहमति नहीं बन पाई। रखी गई मांग नहीं मानी गई। इससे माहौल बिगड़ गया। फिर सभी मजदूर धरने पर बैठ गए। मजदूर बोनस के साथ उपस्थिति भत्ते की मांग कर रहे थे। कुछ मजदूरों को बोनस और भत्ता दिया गया, लेकिन बाकी के साथ भेदभाव किया गया।
कंपनी ने कहा- जिन्होंने टारगेट पूरा किया, उन्हें बोनस दिया गया
संगम ग्रुप के चेयरमैन रामपाल सोनी ने कहा- बोनस में कोई भेदभाव नहीं है। मार्च क्लोजिंग के चलते मजदूरों की भर्ती उत्पादन के आधार पर की गई थी। सभी के अलग-अलग खाते हैं। जिन मजदूरों ने पूरा उत्पादन दिया, उन्हें पूरा बोनस दिया गया। कुछ मजदूर ऐसे भी थे, जिनका उत्पादन कम था। उनका बोनस कम था। कल बुधवार को कुछ मजदूरों को वेतन और बोनस दिया गया। गुरुवार को बाकी मजदूरों को बोनस के लिए बुलाया गया। इस बीच कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच झड़प भी हुई।
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