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जयपुर में 17 साल पहले हुए सीरियल बम ब्लास्ट मामले में कल आएगा फैसला, जाने 8 मामलों में कोर्ट ने क्यों माफ़ की आरोपियों की फांसी

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जयपुर में करीब 17 साल पहले हुए सीरियल बम धमाकों के दौरान चांदपोल के रामचंद्र मंदिर के पास मिले जिंदा बमों के मामले में शुक्रवार को फैसला सुनाया जाएगा। जयपुर बम ब्लास्ट मामलों की विशेष अदालत में जिंदा बम रखने के मामले में जज रमेश कुमार जोशी 4 आरोपियों पर फैसला सुनाएंगे। दोनों पक्षों की बहस पूरी होने के बाद कोर्ट ने पहले फैसले की तारीख 29 मार्च तय की थी। लेकिन पिछली सुनवाई में कोर्ट ने फैसला नहीं सुनाते हुए शुक्रवार को फैसले की तारीख तय की थी। इससे पहले इसी कोर्ट ने करीब साढ़े 5 साल पहले 8 ब्लास्ट मामलों में आरोपियों को फांसी की सजा सुनाई थी, लेकिन हाईकोर्ट ने सजा रद्द करते हुए सभी आरोपियों को बरी कर दिया था। मामले में दो आरोपी जमानत पर बाहर हैं। जबकि, दो जेल में हैं। इस मामले में राज्य सरकार की अपील सुप्रीम कोर्ट में लंबित है। 

एटीएस ने तीन नए गवाह बुलाए थे
चारदीवारी में 13 मई 2008 को 8 सीरियल बम धमाके हुए थे। करीब 11 साल बाद 20 दिसंबर 2019 को जयपुर बम ब्लास्ट की विशेष अदालत ने सैफुर्रहमान, मोहम्मद सैफ, मोहम्मद सरवर आजमी और एक अन्य नाबालिग (जिसे बाद में हाईकोर्ट ने घटना के समय नाबालिग माना था) को फांसी की सजा सुनाई थी। वहीं एक आरोपी शाहबाज अहमद को बरी कर दिया था।

इसके बाद एटीएस ने इन सभी आरोपियों को जिंदा बम मामले में 25 दिसंबर 2019 को जेल से गिरफ्तार किया था, लेकिन हाईकोर्ट ने 29 मार्च 2023 को विशेष अदालत के फैसले को पलटते हुए सभी आरोपियों को बरी कर दिया था। हाईकोर्ट ने अपने आदेश में जांच एजेंसियों की कमियों को भी उजागर किया था।इसके बाद एटीएस ने इस मामले में पूरक चार्जशीट पेश की थी। इसमें एटीएस ने तीन नए गवाहों को शामिल किया था। सुनवाई के दौरान एटीएस ने पत्रकार प्रशांत टंडन, पूर्व एडीजी अरविंद कुमार और साइकिल टाइटनर दिनेश महावर समेत कुल 112 गवाहों के बयान दर्ज किए थे।

आरोपियों ने कहा था- तथ्य एक जैसे
आरोपियों की ओर से वकील मिनहाजुल हक ने कहा कि बचाव पक्ष की ओर से किसी गवाह का बयान दर्ज नहीं किया गया। उन्होंने कहा- इस मामले और पूर्व में हुए 8 ब्लास्ट मामलों के तथ्य एक जैसे हैं। इन्हीं तथ्यों के आधार पर हाईकोर्ट ने आरोपियों को बरी किया है। इस मामले में भी अभियोजन पक्ष यह पता नहीं लगा सका कि मंदिर के सामने साइकिल किसने रखी थी।

दो आरोपी जमानत पर, दो जेल में
लाइव बम मामले में चार आरोपियों पर फैसला सुनाया जाएगा। इनमें से दो आरोपी सैफुर्रहमान और मोहम्मद सैफ जयपुर सेंट्रल जेल में बंद हैं। जबकि, मोहम्मद सरवर आजमी और आरोपी शाहबाज अहमद जमानत पर बाहर हैं।

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