सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश बी.आर. गवई अपने राजसमंद दौरे के तहत आज पीपलांत्री गांव पहुंचे, जहां उन्होंने पर्यावरण के क्षेत्र में किए गए कार्यों का अवलोकन किया। इस दौरान राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से वन संरक्षण एवं बालिका सशक्तिकरण विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया।
इस अवसर पर सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश संदीप मेहता, केंद्रीय मंत्री अर्जुनराम मेघवाल, राजस्थान हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश एम.एम. श्रीवास्तव, राज्य के हाईकोर्ट के न्यायाधीश, पीपलांत्री सरपंच अनिता पालीवाल, पूर्व सरपंच श्याम सुंदर पालीवाल, स्थानीय न्यायाधीश एवं ग्रामीण मौजूद रहे। बी.आर. गवई आज दोपहर नाथद्वारा में नालसा के राज्य स्तरीय सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लेंगे। कार्यक्रम में राजस्थान हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश सहित करीब 40 न्यायाधीश मौजूद रहेंगे।
पीपलांत्री गांव में पर्यावरण संरक्षण के तहत किए गए कार्यों से गांव की तस्वीर बदल गई है। गांव के पूर्व सरपंच ने करीब 20 साल पहले एक नई पहल शुरू की थी। इसमें उन्होंने गांव में बेटी के जन्म पर 111 पौधे लगाने की शुरुआत की। यह एक संकल्प के साथ शुरू हुआ जो आज पिपलांत्री गांव में परंपरा बन चुका है। पौधे लगाने के बाद जब गांव की बेटियां बड़ी होती हैं तो वे इन पौधों को अपना भाई मानती हैं और रक्षाबंधन के दिन उन्हें राखी बांधकर पेड़ों की रक्षा का संकल्प लेती हैं। आज पिपलांत्री की तर्ज पर राजसमंद ही नहीं बल्कि पूरे देश में काम हो रहा है।
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