संभल में 1978 में हुए दंगों की जांच फिर से शुरू करने की संभावना है। शासन ने इस मामले की रिपोर्ट मांगी है। DM राजेंद्र पेंसिया ने बताया कि भाजपा MLC चंद शर्मा ने विधान परिषद में इस मुद्दे को उठाया था।
क्या होगी नई जांच?
संभल दंगों की नई जांच के बारे में DM ने कहा कि फिलहाल कोई नई जांच नहीं होगी, क्योंकि कोर्ट का फैसला आ चुका है। SP कृष्ण विश्नोई ने भी कहा कि दंगे की दोबारा जांच की अफवाहें गलत हैं। शासन ने 1978 के दंगों के बारे में कुछ विशेष जानकारी मांगी है।
दंगों का इतिहास
दंगों का कारण, मारे गए लोगों की संख्या, FIR और कोर्ट में पेश चालान की रिपोर्ट, और अदालत के फैसले की जानकारी मांगी गई है। MLC श्रीचंद शर्मा ने विधान परिषद में कहा था कि 1978 में दंगों के दौरान कई हिंदुओं को जिंदा जलाया गया था।
शासन की कार्रवाई
श्रीचंद शर्मा ने विधान परिषद के सभापति से दंगों की दोबारा जांच की मांग की थी। इसके बाद उप गृह सचिव ने SP को एक हफ्ते में रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए। 47 साल पहले हुए दंगों में 184 हिंदुओं की हत्या हुई थी।
मुख्यमंत्री का बयान
सीएम योगी ने विधानसभा में 1978 के दंगों का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय 184 हिंदुओं को जिंदा जलाया गया था। उन्होंने कहा कि दंगों के दौरान निर्दोष हिंदुओं के बारे में कोई बात नहीं की गई।
दंगों की शुरुआत
24 नवंबर 1978 को जामा मस्जिद में हिंसा भड़क गई थी। इसके बाद 29 मार्च को सबसे बड़ा दंगा हुआ। उस समय अफवाहें फैलीं कि एक दुकानदार ने दूसरे समुदाय के व्यक्ति को मार दिया है।
दंगों का परिणाम
दंगों के दौरान कई लोग मारे गए और कर्फ्यू लगा रहा। कई लाशें नहीं मिलीं, जिन्हें पुतले बनाकर दाह संस्कार किया गया।
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