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रामनवमी पर जुलूस निकालने के लिए माननी होंगी हाई कोर्ट की शर्तें : तृणमूल नेता कुणाल घोष

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कोलकाता, 4 अप्रैल . कलकत्ता हाई कोर्ट ने शुक्रवार को हिंदू संगठनों को कुछ शर्तों के साथ रामनवमी के दिन जुलूस निकालने की अनुमति दे दी. इस मुद्दे पर राज्य में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के नेता कुणाल घोष ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि जुलूस निकालने वालों को हाई कोर्ट शर्तें माननी होंगी.

हाई कोर्ट ने रामनवमी के दिन निकलने वाले जुलूस में हथियार ले जाने की अनुमति नहीं दी है. साथ ही, जुलूस में भाग लेने वाले लोगों को पुलिस और प्रशासन के पास अपना पहचान पत्र जमा करना होगा. इन शर्तों के साथ हाई कोर्ट ने हावड़ा में अंजनी पुत्र सेना और विश्व हिंदू परिषद के रामनवमी जुलूस को अनुमति दे दी है.

न्यायमूर्ति तीर्थंकर घोष की अध्यक्षता में कलकत्ता हाई कोर्ट ने अंजनी पुत्र सेना और विश्व हिंदू परिषद को सुरक्षा के लिहाज से अलग-अलग समय पर जुलूस निकालने का आदेश दिया है. इसके साथ ही, जुलूस में लोगों की संख्या को भी सीमित कर दिया गया है.

तृणमूल नेता कुणाल घोष ने कहा, “जुलूस निकालने की अनुमति के लिए वे लोग हाई कोर्ट गए थे. अब हाई कोर्ट ने जो आदेश दिया है, उसे मानना पड़ेगा. कोर्ट ने रूट निर्धारित किया है और हथियार नहीं रखने को कहा है, साथ ही पहचान पत्र रखने के साथ पुलिस को सूचना देने की बात कही गई है. अब यह सब बातें उन्हें माननी होंगी.”

बंगाल भाजपा अध्यक्ष सुकांत मजूमदार के ममता बनर्जी को महाकुंभ को ‘मृत्युकंभ’ कहने पर हमला करने को लेकर तृणमूल नेता ने अपनी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा, “मजूमदार झूठ बोल रहे हैं. ममता बनर्जी की महाकुंभ को लेकर पूरी आस्था है. लेकिन जिस तरह प्रशासनिक विफलता के कारण महाकुंभ में बार-बार घटनाएं हुई हैं, ममता बनर्जी ने उसकी आलोचना की थी.”

प्रदेश में मुसलमानों की आबादी बढ़ने पर मजूमदार के बयान की आलोचना करते हुए कुणाल घोष ने कहा, “यह बहुत दुख की बात है कि किसी पार्टी के अध्यक्ष विकास, रोटी, कपड़ा और मकान के ऊपर न बोलकर धर्म की राजनीति कर रहे हैं.”

एससीएच/एकेजे

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