अगर बात करें उनके जन्मस्थान एबटाबाद की, तो ये शहर अब पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में आता है। जब मनोज कुमार महज 10 साल के थे, उस समय हिंदुस्तान का बंटवारा हुआ था। इसके बाद देश दो मुल्कों भारत और पाकिस्तान में बंट गया, ऐसे में मनोज कुमार का परिवार एबटाबाद छोड़ दिल्ली आ गया था। चलिए जानते हैं मनोज कुमार के जन्मस्थान के बारे में, आखिर ये जगह भी कैसे पाकिस्तान की खूबसूरती में शामिल है। (photo credit: wikimedia and pexels.com)
कैसा है पाकिस्तान का एबटाबाद
एबटाबाद घूमने के लिए एक बेहतरीन जगह है, खासकर अगर आप कुछ दिन की शांति चाहते हैं और बड़े शहरों की भागदौड़ से दूर निकलना चाहते हैं, तो यहां आ सकते हैं। पहले इसे वादी ओरेश कहा जाता था क्योंकि यहां नीचे की जमीन पर पानी जमा रहता था। यह जगह ब्रिटिश राज के समय से ही एक मशहूर टूरिस्ट स्पॉट रही है।
एबटाबाद रहा है आर्मी रेजीमेंट्स का घर
पिछले सौ सालों में एबटाबाद कई आर्मी रेजीमेंट्स का घर रहा है। पाकिस्तान मिलिट्री अकैडमी (PMA) एबटाबाद के काकुल इलाके में स्थित है। यहां लोग गर्मियों में बड़ी संख्या में घूमने आते हैं। यहां हर बजट के हिसाब से अच्छे होटल भी मौजूद हैं। एबटाबाद उत्तरी पाकिस्तान की सबसे बड़ी घाटी है, जो इलाके के हिसाब से सबसे बड़ी है। यहां कनेक्टिविटी भी काफी अच्छी है, आप आसपास बड़ी ही आसानी से घूम सकते हैं।
हरनो नदी और आसपास है पिकनिक स्पॉट
अगर आप एक दिन का ट्रिप प्लान कर रहे हैं, तो नैथियागली एबटाबाद से एक घंटे से भी कम वक्त में आसानी से पहुंच सकते हैं। घुमावदार सड़क आपको हरनाई नदी की तरफ ले जाती है, जहां नदी किनारे कुछ टूरिस्ट प्लेसेस बने हुए हैं। अगर आपको ट्रेकिंग पसंद है, तो यहां पहाड़ी रास्तों पर घूमने के लिए कुछ अच्छे ऑप्शन भी मिल जाएंगे। लेकिन ध्यान रखें कि कुछ जगहें काफी सुनसान रहती हैं, इसलिए किसी लोकल गाइड को साथ जरूर रखें ताकि आप रास्ता न भटक जाएं।
यहां है शिमला हिल
यहां कई सारी खूबसूरत और ऑफबीट प्लेसेस हैं जिन्हें किसी लोकल ड्राइवर या गाइड की मदद से आसानी से देखा जा सकता है। एबटाबाद की एक खूबसूरत चीज ये है, यहां का हर एक नजारा दूर-दूर तक काफी खूबसूरत है, जहां-जहां आप नजर दौड़ाएंगे वहां-वहां आपको जन्नत दिखाई देगी। दिलचस्प बात तो ये है, जैसे भारत में शिमला है, वैसे ही एबटाबाद के पश्चिम में शिमला हिल है।
शिमला हिल एबटाबाद में स्थित एक बहुत पुराना पहाड़ी इलाका और घूमने की जगह है, जो आज भी लोगों को अपनी खूबसूरती से आकर्षित करता है। शिमला हिल के पीछे एक सड़क शेरवान नाम की खूबसूरत जगह तक जाती है। रास्ते में आपको सर जेम्स एबट का पुराना और टूटा-फूटा घर भी देखने को मिल सकता है, जो एबटाबाद के संस्थापक थे।
कैसे पहुंचे एबटाबाद
हवाई यात्रा: सबसे पास का हवाई अड्डा इस्लामाबाद इंटरनेशनल एयरपोर्ट है। वहां से आप टैक्सी या बस लेकर करीब 2.5 से 3 घंटे में एबटाबाद पहुंच सकते हैं।सड़क मार्ग: इस्लामाबाद से एबटाबाद तक की दूरी लगभग 130 किलोमीटर है। आप कार, टैक्सी या बस से आसानी से जा सकते हैं।
रेल मार्ग: एबटाबाद में कोई रेलवे स्टेशन नहीं है, लेकिन आप रावलपिंडी या इस्लामाबाद तक ट्रेन से पहुंच सकते हैं, फिर वहां से सड़क मार्ग से एबटाबाद जा सकते हैं।
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