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तालिबान का दोस्त, कोका कोला... जानें कौन है अंडमान में दुनिया की सबसे खतरनाक जनजाति से मिलने पहुंचा यूट्यूबर पोल्याकोव

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वॉशिंगटन: अंडमान निकोबार के उत्तरी सेंटिनल द्वीप पर दुनिया की सबसे खतरनाक सेंटिनल जनजाति रहती है। इस जनजाति के लोगों को बाहरी दुनिया से किसी भी तरह का संबंध कायम करना बिल्कुल भी पसंद नहीं है। साल 2018 में इस जनजाति के लोगों ने अमरीकी मिशनरी जॉन एलिन शाओ की उस वक्त हत्या कर दी थी, जब वो इस जनजाति के लोगों से मिलने द्वीप पर पहुंचे थे। मानवाधिकार समूह सर्वाइवल इंटरनेशनल ने उस दौरान शव को वापस लाने की कोशिश में लगे भारतीय अधिकारियों से कहा था, कि जॉन एलिन शाओ के शव को वापस लाने की कोशिशें बंद कर देनी चाहिए, क्योंकि ऐसा करना अधिकारियों और जनजाति, दोनों के लिए खतरनाक साबित हो सकता है। लेकिन अब तालिबान को पसंद करने वाले एक यूट्यूबर ने इस जनजाति के लोगों से मिलने के लिए 25 मील तक नाव से यात्रा कर दुनिया को चौंका दिया है। मिखाइलो विक्टरोविच पोल्याकोव नाम के यूट्यूबर, जिनकी उम्र 24 साल है, उन्होंने जान जोखिम में डालकर उत्तरी सेंटिनल द्वीप की यात्रा की है। इस दौरान उन्होंने सेंटिनल जनजाति के लोगों को नारियल और कोक देने की कोशिश की। इस कोशिश के दौरान पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने कहा है कि वह शनिवार को मोटर और जीपीएस वाली एक हवा वाली नाव पर लेकर द्वीप पर पहुंचे थे और उनकी इस हरकत की वजह से दुनिया में सबसे अलग-थलग रहने वाली ये जनजाति खतरे में पड़ गई थी। इस द्वीप पर बाहरी लोगों का जाना सख्त मना है। लिहाजा बिना किसी इजाजत के इस द्वीप तक जाने की कोशिश करने वाले यूट्यूबर को गिरफ्तार कर लिया गया था। सेंटिनल जनजाति के लोगों से मिलने की खतरनाक कोशिशमेलऑनलाइन की एक रिपोर्ट के मुताबिक मिखाइलो विक्टरोविच पोल्याकोव पिछले साल अक्टूबर और इस साल जनवरी में भी इस द्वीप पर उतर चुके थे और ये उनकी तीसरी कोशिश थी। रिपोर्ट के मुताबिक पोल्याकोव ने द्वीप पर पहुंचने के लिए जेमिनी इन्फ्लेटेबल डिंगी का इस्तेमाल किया था। वहीं पुलिस ने अंडमान सनसेट व्यू होटल में उनके कमरे से दूरबीन, एक गो प्रो और लाइफ जैकेट के अलावा अन्य सामान जब्त कर लिया है। मेलऑनलाइन ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि वो पिछले शनिवार को 1 बजे कुर्मा डेरा बीच से चलकर नारियल और डाइट कोक लेकर द्वीप पर पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने खुद को अमेरिकी नागरिक बताया था। पोल्याकोव करीब 9 घंटे तक नाव चलाकर करीब 10 बजे द्वीप के उत्तरपूर्वी तट पर पहुंचे थे। जिसके बाद उन्होंने अपने दूरबीन से पूरे इलाके को स्कैन करने की कोशिश की थी।इसके बाद उन्होंने इस जनजाति के लोगों का ध्यान खींचने के लिए करीब एक घंटे तक सिटियां बजाई, लेकिन किसी की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई। द्वीप के तट पर किसी को नहीं देखने के बाद उन्होंने इस द्वीप पर उतरने का फैसला किया और वो उतर भी गये। लेकिन फिर भी उन्होंने वहां किसी को नहीं देखा। जिसके बाद वो द्वीप पर एक नारियल और डाइट कोक छोड़कर लौट आए। इसके अलावा उन्होंने वहां से मिट्टी भी लिया। वहीं बाद में किसी मछुआरे ने पुलिस को इसकी जानकारी दे दी, जिसके बाद पोल्याकोव को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने कहा है कि उन्होंने द्वीप पर जाने की पहले से ही प्लान बना रखी थी और जब पिछले साल उन्होंने द्वीप पर जाने की कोशिश की थी, तो होटल के लोगों ने उन्हें रोकने की कोशिश की थी।
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