अलवर, 31 अगस्त (Udaipur Kiran) । राजस्थान के अलवर जिले के सरिस्का क्षेत्र में स्थित प्राचीन भर्तृहरि धाम में अष्टमी पर्व पर रविवार को मेले का आयोजन हुआ। अलवर जिले के लोक देवता माने जाने वाले बाबा भर्तृहरि के दर्शन के लिए देर रात से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। मेले में दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश सहित देश के विभिन्न हिस्सों से हजारों श्रद्धालु पहुंचे। बाबा के जयकारों से पूरा परिसर गूंज उठा और भक्तों ने कतारों में लगकर बाबा की समाधि स्थल पर दर्शन किए।
मान्यता हैं कि अष्टमी के दिन बाबा बाबा भर्तृहरि की पूजा करने और ज्योत जलाने से परिवार में सुख-समृद्धि बनी रहती है। श्रद्धालु इस दिन विशेष रूप से चूरमे का भोग लगाकर बाबा को याद करते हैं। अलवर जिले के गाँव-गाँव और शहर-शहर में अष्टमी के दिन घर-घर में बाबा की ज्योत देखने को मिलती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, बाबा भरतरी ने सरिस्का की वादियों पहाड़ियों में कई वर्षों तक कठोर तपस्या की थी। यहीं उनका धोना (ध्यानस्थल) स्थित है। माना जाता है कि इसी पवित्र स्थल पर उन्होंने समाधि भी ली थी। बाबा की तपोभूमि होने के कारण भरतरी धाम को विशेष धार्मिक महत्व प्राप्त है।
मेले में दूर-दूर से आए भक्तों ने बाबा के दर्शन कर मन्नतें मांगी। श्रद्धालुओं का कहना है कि बाबा की कृपा से हर कठिनाई दूर होती है। कई श्रद्धालु परिवार सहित धाम में रात्रि विश्राम कर भजन-कीर्तन में शामिल हुए। अष्टमी मेले को देखते हुए प्रशासन ने भी धाम परिसर और आसपास विशेष इंतजाम किए। पुलिस व प्रशासनिक अमले ने सुरक्षा, यातायात और श्रद्धालुओं की सुविधाओं का ध्यान रखा। अलवर जयपुर मार्ग पर आने जाने वाले वाहनों को थानागाजी और कुशाल गढ़ से तालवृक्ष कि तरफ डाइवर्ट किया गया। धाम परिसर में मेले का नज़ारा धार्मिक आस्था और लोक संस्कृति का अद्भुत संगम दिखा। बाबा बाबा भर्तृहरि के भजनों और लोकगीतों की गूंज ने माहौल को और भी भक्तिमय बना दिया। मेले में नाथ सम्प्रदाय से जुड़े साधुओं का भारी संख्या में जमावड़ा लगा हैं।
मेले में आये श्रद्धांलुओं के लिए अकबरपुर से लेकर भर्तृहरि धाम तक अनेक जगह पूरी सब्जी, मालपुआ, चूरमा आदि का भंडारा हो रहा हैं। यह भंडारे दिन रात चल रहे हैं। साथ ही बड़ी संख्या में पीने के पानी कि प्याऊ लगाई गई हैं। बाबा भर्तृहरि के मेले में वैसे ताे सभी सामान बिकता हैं लेकिन लकड़ी के बने मुसल, लट्ठ आदि सामान यहाँ मेले में विशेष प्रकार से बिकता हैं। धाम में कई दुकाने लगी हैं इसके अलावा भी दूर दूर से आकर लोग यहाँ अस्थाई दुकान लगाकर सामान बेचते हैं।
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(Udaipur Kiran) / मनीष कुमार
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